Friday, March 6, 2026
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Tata AIA Survey: आज भी स्वतंत्र वित्तीय निर्णय लेने से कतराती हैं भारतीय महिलाएं

Tata AIA Survey: भारतीय महिलाएं (Indian Women) अब भी स्वतंत्र वित्तीय निर्णय लेने से कतराती हैं. एक सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है. महिलाओं के बीच वित्तीय जागरूकता के बारे में जीवन बीमा कंपनी (TATA AIA) सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि जब वित्तीय निर्णय लेने की बात आती है तो वे अभी भी ‘घर के आदमी’ पर भरोसा करती हैं. हालांकि टाटा एआईए के अनुसार, 44 प्रतिशत उत्तरदाताओं के पास ऐसा करने का विकल्प होने पर अपने स्वयं के वित्तीय निर्णय लेना पसंद करती हैं.

सर्वेक्षण के निष्कर्षो से संकेत मिलता है कि 89 प्रतिशत विवाहित महिलाएं वित्तीय नियोजन (Financial Planning) के लिए अपने जीवनसाथी पर निर्भर हैं. शादी से पहले, पिता महिलाओं के लिए वित्तीय निर्णयों के लिए जिम्मेदार होता है, जिसे बाद में शादी के बाद चुपके से पति को सौंप दिया जाता है. सर्वेक्षण ने यह भी संकेत दिया कि चूंकि शादी करने वाली महिलाओं की औसत आयु 20-22 वर्ष है, इसलिए उन्हें अपने वित्त के बारे में निर्णय लेने की स्वतंत्रता नहीं है. इस प्रकार, महिलाओं के लिए वित्तीय निर्णय लेने में स्वतंत्रता को बाधित करने में विवाह सबसे प्रमुख कारकों में से एक है.

सर्वेक्षण में शामिल 39 प्रतिशत महिलाओं के लिए वित्तीय नियोजन मासिक बजट की योजना बनाने तक ही सीमित है. वित्तीय नियोजन की बेहतर समझ रखने वाली 42 प्रतिशत महिलाओं में से केवल 12 प्रतिशत ही गृहिणी हैं. सर्वेक्षण के निष्कर्षो के अनुसार, ज्यादातर महिलाओं के आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपने वित्त संबंधी निर्णय लेने की स्वतंत्रता है. कामकाजी महिलाओं (Working Women) में, 59 प्रतिशत स्वतंत्र रूप से अपने वित्त पर निर्णय नहीं लेती हैं.

महिलाओं के खिलाफ कानूनों को भी मजबूत किया गया है और समाज में महिलाओं की स्थिति के संबंध में पिछले कुछ वर्षो में सकारात्मक बदलाव आया है. फिरभी जब वित्तीय नियोजन की बात आती है, तो महिलाओं को शॉट्स लेने का मौका नहीं मिलता है. हालांकि, एक विकल्प को देखते हुए 44 प्रतिशत महिलाएं अपने वित्तीय निर्णय (Financial Decision) स्वयं लेने को तैयार हैं. प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर सर्वेक्षण से पता चला कि महिलाएं अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा को अपने ऊपर प्राथमिकता देती हैं. विभिन्न वित्तीय साधनों में, 62 प्रतिशत महिलाएं अपने परिवारों के लाभ के लिए बैंक एफडी में निवेश करने में अधिक सहज हैं. हालांकि, जब उनसे अपनी पसंद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपने जीवनसाथी के फैसले पर भरोसा किया.

(इनपुट-आईएएनएस)

ये भी पढ़ें- Working Indian Women: कामकाजी भारतीय महिलाओं को करनी पड़ती है ‘डबल शिफ्ट’

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