Tuesday, March 10, 2026
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UPSC ने तोड़ी चुप्पी: 301वीं रैंक पर किस आकांक्षा ने मारी बाजी, सच आया सामने

UPSC Rank 301 Controversy: हाल ही में Union Public Service Commission (UPSC) की प्रतिष्ठित Civil Services Examination 2025 के परिणाम घोषित होने के बाद 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आया. एक ही नाम की दो उम्मीदवारों द्वारा इस रैंक का दावा किए जाने से सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक बहस छिड़ गई. अब इस पूरे मामले पर UPSC ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ कर दी है.

कैसे शुरू हुआ विवाद
विवाद तब शुरू हुआ, जब बिहार के भोजपुर क्षेत्र से एक युवती आकांक्षा सिंह ने दावा किया कि उसने सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक हासिल की है. यह खबर तेजी से फैल गई और कई जगहों पर उसे सफल अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत किया जाने लगा.

इसी बीच, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की एक अन्य उम्मीदवार, जिनका नाम भी आकांक्षा सिंह है, सामने आईं और उन्होंने कहा कि वास्तविक रूप से 301वीं रैंक उन्हीं की है. उन्होंने अपने दस्तावेज और एडमिट कार्ड साझा करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.

UPSC ने जारी किया आधिकारिक बयान
मामला बढ़ने के बाद UPSC को सफाई देनी पड़ी. आयोग ने स्पष्ट किया कि 301वीं रैंक गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) की आकांक्षा सिंह को मिली है. आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, उनका रोल नंबर 0856794 है और वही इस रैंक की वास्तविक उम्मीदवार हैं.

UPSC ने यह भी कहा कि परीक्षा से जुड़े किसी भी परिणाम या दावे की पुष्टि केवल आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही की जानी चाहिए. अफवाहों और अपुष्ट खबरों से बचने की सलाह भी दी गई.

कौन हैं असली आकांक्षा सिंह
गाजीपुर की आकांक्षा सिंह पेशे से डॉक्टर हैं और उन्होंने एमबीबीएस के बाद उच्च शिक्षा भी प्राप्त की है. बताया जा रहा है कि वह पटना के AIIMS में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर चुकी हैं. उन्होंने अपने दस्तावेज और इंटरव्यू कॉल लेटर भी सार्वजनिक किए, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत साबित हुई.

विवाद से मिली सीख
यह पूरा मामला बताता है कि सोशल मीडिया के दौर में बिना पुष्टि के खबरें तेजी से फैल जाती हैं. एक ही नाम और समान दस्तावेजों की वजह से भ्रम की स्थिति बन गई, लेकिन आखिरकार आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद स्थिति साफ हो गई.

UPSC ने भी स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों और जनता को केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए, ताकि इस तरह की गलतफहमियों से बचा जा सके.

यह भी पढ़ें- एक रैंक, दो दावेदार! UPSC रिजल्ट को लेकर शुरू हुई बहस

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