Friday, March 6, 2026
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MS Dhoni Birthday: 42 साल के हुए धोनी, ‘कैप्टन कूल’ ने क्रिकेट के इतिहास में छोड़ी एक अलग छाप

MS Dhoni Birthday: खेल इतिहास में एमएस धोनी की यात्रा सबसे प्रेरणादायक यात्राओं में से एक है. एक रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टर के रूप में काम करने से, वह भारत के सबसे बड़े ट्रॉफी कलेक्टर में बदल गए. उन्होंने कप्तान के रूप में टीम को तीन आईसीसी ट्रॉफियां दिलाकर भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी शुक्रवार (7 जुलाई) को 42 साल के हो गए. महान विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 2004 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना करियर शुरू किया और लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई. उन्होंने भले ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में प्रशंसकों का मनोरंजन करना जारी रखा है. पांच आईपीएल खिताबों के साथ, धोनी टूर्नामेंट के इतिहास में रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रूप से सबसे सफल कप्तान हैं. दबाव में भी धोनी अपने अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं और उन्हें ‘कैप्टन कूल’ करार दिया जाता है.

इन मौकों पर धोनी ने साबित किया कि वह कैप्टन कूल हैं:

2007 विश्व कप
टी-20 विश्व कप 2007 में भारत की जीत युगों-युगों तक एक कहानी है. पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में, भारत ने अपनी पहली पारी में 157 रन बनाए थे, लेकिन मिस्बाह-उल-हक खेल को भारत से छीनने के लिए तैयार दिख रहे थे. मिस्बाह-उल-हक के खिलाफ अंतिम ओवर में धोनी ने जोगिंदर शर्मा को गेंद थमाकर सबको चौंका दिया. जोगिंदर ने ओवर की दूसरी गेंद पर मिस्बाह का महत्वपूर्ण विकेट लिया और भारत को एक यादगार जीत दिलाई.

2011 विश्व कप फाइनल
श्रीलंका के खिलाफ 275 रनों के चुनौतीपूर्ण स्कोर का पीछा करते हुए भारत ने शुरुआत में ही सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के महत्वपूर्ण विकेट खो दिए. गौतम गंभीर और विराट कोहली कुछ देर तक पारी को संभालने में सफल रहे, लेकिन एक आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए धोनी ने कोहली के आउट होने के बाद युवराज सिंह की जगह खुद को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने का फैसला किया. उस समय, यह एक खराब निर्णय लग रहा था, क्योंकि भारतीय कप्तान विश्व कप में फॉर्म के लिए संघर्ष कर रहे थे और युवराज सिंह बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि, धोनी की रणनीति सफल रही और शांतचित्त भारतीय कप्तान ने छक्के के साथ टीम को वनडे विश्व कप में जीत दिलाई.

रोहित शर्मा को ओपनर के तौर पर प्रमोट करना
रोहित शर्मा मूल रूप से मध्यक्रम के बल्लेबाज थे. हालांकि, प्रतिभाशाली बल्लेबाज को निचले क्रम में खेलने में बहुत कम सफलता मिली थी. एमएस धोनी ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रोहित को भारतीय सेट-अप में एक अलग भूमिका देने का फैसला किया. रोहित को भारत के सलामी बल्लेबाज के रूप में पदोन्नत किया गया और बाकी इतिहास है. मुंबई में जन्मे बल्लेबाज पारी की शुरुआत करते हुए सबसे तेज 6,000 रन तक पहुंचने वाले खिलाड़ी बन गए और तब से वह भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं.

चैंपियंस ट्रॉफी में ईशांत का इस्तेमाल
धोनी के क्रिकेटिंग करियर की एक खास विशेषता यह है कि उन्होंने वर्षों से अपने खिलाड़ियों पर विश्वास दिखाया है. 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के एक महत्वपूर्ण फाइनल में, जो बारिश के कारण 20 ओवरों का कर दिया गया था, धोनी ने गेंद ईशांत शर्मा को देने का फैसला किया. मैच के 18वें ओवर में ईशांत ने लगातार गेंदों पर रवि बोपारा और इयोन मोर्गन के अहम विकेट लेकर मैच को भारत के पक्ष में कर दिया.

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