Friday, March 6, 2026
spot_img
Homeनेशनलकारगिल विजय दिवस: शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा

कारगिल विजय दिवस: शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा

Kargil Vijay Diwas 2025: हर साल 26 जुलाई को भारत “कारगिल विजय दिवस” के रूप में मनाता है. यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति का प्रतीक है, जब 1999 में भारत ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. साल 2025 में हम इस गौरवपूर्ण दिवस की 26वीं वर्षगांठ मना रहे हैं.

कारगिल युद्ध मई 1999 में शुरू हुआ था, जब पाकिस्तान की सेना और घुसपैठियों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल सेक्टर की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था. भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ चलाया और लगभग दो महीने तक चले संघर्ष के बाद 26 जुलाई 1999 को इन सभी चोटियों को दुश्मन से मुक्त करा लिया.

इस युद्ध में भारतीय सेना के करीब 500 से अधिक जवान शहीद हुए और हजारों घायल हुए. उन वीरों के साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल यह दिन पूरे देश में मनाया जाता है.

Advertisement

इस साल 2025 में देशभर में कारगिल विजय दिवस विशेष श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुखों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. द्रास, जो युद्ध का मुख्य केंद्र था, वहां विशेष परेड, श्रद्धांजलि सभा और वीरगाथाओं की प्रस्तुति हुई. पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों और आम नागरिकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.

कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. यह दिन हमें सिखाता है कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान भी छोटा है. स्कूल, कॉलेजों और विभिन्न संगठनों में इस अवसर पर देशभक्ति गीत, नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जा रहा है.

Advertisement

कारगिल विजय दिवस न केवल शहीदों को नमन करने का दिन है, बल्कि यह हर भारतीय को यह याद दिलाता है कि हम स्वतंत्र हैं, क्योंकि हमारी सेना ने अपना खून बहाया. यह दिन हमें हमेशा देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता रहेगा.

यह भी पढ़ें- चुनाव आयोग का बड़ा कदम: देशभर में शुरू होगा वोटर वेरिफिकेशन

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments