Heavy Rains in Bihar: बिहार में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. कई जिलों में हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पटना, भागलपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भोजपुर समेत कई जिलों में सड़कों पर जलजमाव के कारण यातायात ठप हो गया है. वहीं, बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को अंधेरे और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
पिछले 24 घंटों की लगातार भारी बारिश ने गांव से लेकर शहर तक जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है. स्कूल बंद कर दिए गए हैं, खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गई हैं और सड़कों पर इतना जलभराव है कि लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जगह हालात ऐसे हैं मानो सड़कों पर नाव चलानी पड़े.
मौसम विभाग ने पहले ही बिहार में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था. विभाग के मुताबिक, मानसूनी दबाव की वजह से यह स्थिति बनी है, जो अगले 24 घंटों तक बनी रह सकती है. राजधानी पटना में घंटों बिजली गुल रहने से लोग परेशान हैं. बारिश के दौरान कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे आपूर्ति ठप हो गई. बिजली बहाल करने के लिए विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन जलभराव के कारण दिक्कतें आ रही हैं.
गांवों और कस्बों में हालत और भी खराब है. खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है. ग्रामीण इलाकों में कच्चे घरों के गिरने की भी खबरें सामने आई हैं. आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी हैं.
सरकार ने बिजली आपूर्ति को जल्द दुरुस्त करने और प्रभावित जिलों में राहत सामग्री भेजने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है और कहा है कि हर हाल में लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि जलजमाव की समस्या बिहार के शहरों में बड़ी चुनौती बन चुकी है. हर साल बारिश में यही हालात दोहराए जाते हैं. यदि जल्द ही मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.
कुल मिलाकर, भारी बारिश ने बिहार में हाहाकार मचा दिया है. लोग बिजली और पानी दोनों की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन पर जल्द राहत पहुंचाने का दबाव बढ़ गया है.
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