Cooked Food Safety: घर में अक्सर खाना बनाकर कुछ देर के लिए बाहर ही छोड़ दिया जाता है. कई लोग सोचते हैं कि दो-चार घंटे बाद भी यह सुरक्षित होगा, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है. गलत तरीके से रखा गया पका भोजन कुछ ही घंटों में फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है.
2 घंटे में बढ़ सकता है खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और फूड सेफ्टी विशेषज्ञों के अनुसार, पका हुआ भोजन कमरे के तापमान पर 2 घंटे से अधिक नहीं रखना चाहिए. अगर तापमान 32°C से ज्यादा हो (जैसे गर्मियों में), तो यह समय 1 घंटे तक ही सुरक्षित माना जाता है. इसके बाद बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं और भोजन खराब हो सकता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि 4°C से 60°C के बीच का तापमान “डेंजर जोन” कहलाता है. इस तापमान में बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ते हैं और उनकी संख्या हर 20 मिनट में लगभग दोगुनी हो सकती है.
पका हुआ खाना कैसे बन सकता है ‘जहर’
खाना पकाने के बाद भी उसमें बैक्टीरिया दोबारा प्रवेश कर सकते हैं. यदि भोजन लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा रहे, तो इसमें साल्मोनेला, ई-कोलाई और स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं. ये बैक्टीरिया ऐसे टॉक्सिन पैदा करते हैं जो फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. कई मामलों में दोबारा गर्म करने से भी यह टॉक्सिन पूरी तरह खत्म नहीं होते, इसलिए लंबे समय तक बाहर रखा खाना जोखिम भरा हो सकता है.
कौन-से खाने जल्दी खराब होते हैं?
डाइटीशियन के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं, जैसे:
पका हुआ चावल और पास्ता
मांस और चिकन
दूध और डेयरी उत्पाद
अंडे से बने व्यंजन
कटी हुई सब्जियां और सलाद
इन खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत फ्रिज में रखना जरूरी होता है.
पके खाने को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
2 घंटे के भीतर फ्रिज में रखें – पका हुआ खाना ठंडा होते ही फ्रिज में रखें.
फ्रिज का तापमान 5°C से कम रखें – इससे बैक्टीरिया की वृद्धि धीमी हो जाती है.
छोटे कंटेनर में स्टोर करें – इससे खाना जल्दी ठंडा हो जाता है.
खाने को अच्छी तरह गर्म करें – दोबारा खाने से पहले इसे पूरी तरह उबाल या भाप निकलने तक गर्म करें.
3-4 दिन से ज्यादा न रखें – फ्रिज में रखा पका खाना आमतौर पर 3-4 दिन के भीतर खा लेना चाहिए.
विशेषज्ञों की सलाह
डाइटीशियन और फूड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी संदेह हो, खाना फेंक देना ही बेहतर है. थोड़ी सी लापरवाही भी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती है. पका हुआ खाना कुछ ही घंटों में असुरक्षित हो सकता है. इसलिए सही तापमान और समय का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि भोजन पोषक भी रहे और सुरक्षित भी.
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