Bihar News: सुपौल में सामने आई एक घटना ने न सिर्फ एक शादी को रोका, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दिया. नशे में धुत दूल्हे को दुल्हन ने भरी महफिल से लौटा दिया, जिसके बाद यह खबर पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई. दुल्हन के साहसिक और आत्मसम्मान से भरे फैसले की हर ओर सराहना हो रही है. मामला सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के मिर्जावा लगुनिया गांव का है, जहां 21 जनवरी की रात विवाह समारोह के दौरान वरमाला की रस्म में ही दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, कटिहार जिले के फलका बाजार निवासी राजेश कुमार ठाकुर की शादी त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के लगुनिया निवासी स्वर्गीय विजेंद्र ठाकुर की पुत्री नेहा कुमारी से तय हुई थी. शादी को लेकर दोनों परिवारों में काफी उत्साह था और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. बुधवार की रात बारात पूरे धूमधाम, बाजे-गाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दुल्हन के घर पहुंची. प्रारंभिक रस्में शांतिपूर्वक संपन्न हुईं, लेकिन जैसे ही वरमाला की बारी आई, दूल्हे की असलियत सामने आ गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूल्हा नशे में इस कदर धुत था कि वह मंच पर अजीब हरकतें करने लगा और बार-बार लड़खड़ाने लगा. उसकी हालत देखकर न सिर्फ दुल्हन, बल्कि वहां मौजूद रिश्तेदार और मेहमान भी स्तब्ध रह गए. स्थिति को भांपते हुए दुल्हन नेहा कुमारी ने बिना किसी दबाव के शादी से इनकार कर दिया.
दुल्हन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति शादी जैसे पवित्र अवसर पर भी नशे में डूबा हो, उसके साथ जीवन बिताने का सवाल ही नहीं उठता. दुल्हन के इस फैसले को परिवार और समाज का पूरा समर्थन मिला. इसके बाद बिना विवाह संपन्न हुए ही बारात को वापस लौटा दिया गया.
घटना के बाद कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण जरूर हुआ, लेकिन समझदार लोगों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाल लिया गया. अंततः दूल्हा और उसके परिजन बिना शादी के ही गांव से लौट गए. यह घटना नशाखोरी के खिलाफ एक सशक्त संदेश के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और निर्णय लेने की स्वतंत्रता की मिसाल बनकर सामने आई है.
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