Bihar Politics: बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेतृ राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर तीखा बयान दिया है. उन्होंने नीतीश कुमार की कार्यशैली और लगातार बदलते राजनीतिक रुख पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर राज्य नहीं संभल रहा है तो अपने बेटे को मुख्यमंत्री बना दें, कम से कम जनता को राहत तो मिलेगी.”
यह बयान उस वक्त आया है जब बिहार में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. राबड़ी देवी ने नीतीश सरकार पर विफलताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार और किसानों को राहत देने के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह नाकाम रही है.
राबड़ी का हमला क्यों अहम?
राबड़ी देवी का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है. एक तो उन्होंने सीधे तौर पर नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर सवाल उठाया है, वहीं यह बयान नीतीश कुमार के परिवारिक और राजनीतिक संतुलन पर भी तंज है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार थक गए हैं, उम्र भी हो गई है, अब उन्हें किसी युवा नेता को मौका देना चाहिए.

नीतीश की खामोशी पर सवाल
राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि राज्य में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और प्रशासनिक लापरवाही के बावजूद नीतीश कुमार चुप हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री को कुछ समझ में नहीं आ रहा तो फिर कुर्सी पर बने रहने का क्या औचित्य है?
बीजेपी-जदयू गठबंधन पर कटाक्ष
राबड़ी देवी ने भाजपा और जदयू गठबंधन पर भी निशाना साधा और कहा कि यह गठबंधन सिर्फ कुर्सी की राजनीति है, जनता की नहीं. उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता आने वाले चुनाव में इस सरकार को सबक सिखाएगी.

राबड़ी देवी का यह ताजा बयान एक बार फिर बिहार की राजनीति में उबाल ला सकता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि जदयू या नीतीश कुमार द्वारा इस पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है. फिलहाल, इतना तय है कि राजद मुख्यमंत्री के नेतृत्व को लेकर हमलावर मुद्रा में है और यह टकराव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है.
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