Bihar Farmer ID: बिहार में राज्य सरकार ने Farmer ID (किसान पहचान पत्र) बनवाना अब और भी जरूरी कर दिया है, क्योंकि इससे सीधे सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ मिलने में सुविधा होगी. यह डिजिटल पहचान किसान को विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे PM किसान सम्मान निधि, सब्सिडी, बीज-खाद सहायता और बीमा आदि से जोड़ती है.
राज्य में एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री अभियान के तहत लाखों किसानों ने अपनी Farmer ID बनवानी शुरू कर दी है और सरकार का लक्ष्य अगले कुछ हफ्तों में करोड़ों किसानों को पहचान पत्र देना है. सरकार ने भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ियों के कारण आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल के माध्यम से सुधार के आदेश भी जारी किए हैं, ताकि किसानों का रजिस्ट्रेशन समय पर पूरा हो सके.
Farmer ID क्यों आवश्यक?
• यह किसान की डिजिटल पहचान और यूनिक ID होती है, जो आधार और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी रहती है.
• इसके बिना PM किसान सम्मान निधि की किश्त और अन्य लाभ की पात्रता कठिन हो सकती है.
• योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से और सीधे किसान तक पहुंचाया जा सकेगा.
आवेदन कैसे करें?
किसान Farmer ID बनवाने के लिए निम्न विकल्पों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:
पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों में जाकर.
राजस्व व भूमि सुधार विभाग द्वारा लगाए जा रहे शिविरों में.
ऑनलाइन आवेदन (आधार कार्ड और भूमि दस्तावेज के साथ) कर सकते हैं. अधिकांश मामलों में आवश्यक कागज आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, जमीन के कागज होते हैं.
सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि किसान जितना जल्द Farmer ID बनवाएंगे, उतना ही सहजता से योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे. यदि किसी किसान के जमीन के रिकॉर्ड या ई-केवाईसी में समस्या आती है, तो वह राजस्व कार्यालय में सुधार करवा सकता है, ताकि पहचान पत्र समय पर जारी हो सके. यह पहल बिहार के कृषि क्षेत्र में डिजिटल रूप से किसानों को जोड़ने और सरकारी लाभ पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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