Chandan Mishra Murder Case: पटना के पारस अस्पताल में 17 जुलाई 2025 को दिनदहाड़े हुई चंदन मिश्रा की हत्या ने पूरे देश को चौंका दिया. हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में जिस तरह पांच हमलावर खुलेआम अस्पताल में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, इस घटना ने न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
17 जुलाई- हत्या की सनसनी
सुबह पारस अस्पताल (पटना) के कमरा नंबर 209 (ICU/ट्रीटमेंट रूम) में पांच हथियारबंद हमलावर चंदन मिश्रा (बक्सर के कुख्यात गैंगस्टर) पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हैं. घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ, जिससे स्पष्ट होता है कि आरोपी बिना भय के फायर कर फरार हो गए. जांच में इसे गैंगवार से प्रेरित करार दिया गया.
19 जुलाई- मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
पटना व कोलकाता की STF की संयुक्त कार्रवाई में तौसीफ उर्फ बादशाह, उसके मौसेरे भाई निशु खान, हर्ष कुमार और भीम कुमार को कोलकाता के आनंदपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि हत्या की साजिश निशु के फ्लैट में रची गई थी और तौसीफ समूह का मुख्य निशानेबाज था.

कलकत्ता की हाईकोर्ट से तौसीफ को 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मिला, उसके बाद पटना की सिविल कोर्ट ने उसे 3 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि अन्य तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पुलिस ने बताया कि हत्या की साजिश निशु के घर में रची गई थी और मुख्य दोषी “शेरू सिंह” (पुरुलिया जेल में बंद) का नाम सामने आया.
21 जुलाई- अस्पतालों की सुरक्षा के निर्देश
इस घटना के बाद पुलिस महकमे ने राज्य के कम से कम 50-60 निजी अस्पतालों को सुरक्षा कड़ी करने का निर्देश दिया. इसमें HHMD, अतिरिक्त CCTV, कंट्रोल रूम स्थापित करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रिपोर्ट करने के आदेश शामिल हैं.
22 जुलाई- भोजपुर में मुठभेड़ और गिरफ्तारियां
भोजपुर जिले के बिहिया-कटेया मार्ग पर STF व स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बलवंत कुमार, रवि रंजन सिंह और अभिषेक कुमार सिंह नाम के तीन आरोपियों को घेरे में लिया. आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बलवंत और रवि घायल हो गए. घटना स्थल से दो पिस्टल, एक देसी कट्टा, दो मैगजीन और चार कारतूस बरामद हुए. पूछताछ में आरोपियों ने मर्डर में अपनी भूमिका स्वीकार की. अभी तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं.
अब तक का केस अवलोकन
17 जुलाई: चंदन मिश्रा पर अस्पताल में फायरिंग, हत्या
19 जुलाई: कोलकाता में मुख्य चार आरोपियों की गिरफ्तारी
21 जुलाई: अस्पतालों को सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
22 जुलाई: भोजपुर में तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी, दो घायल

17 जुलाई की हत्या के बाद से पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है और अब तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें से 4 कोलकाता में और 3 भोजपुर में पकड़े गए. यह भी सामने आया है कि मर्डर का प्लान कोलकाता और पुरुलिया जेल से संबद्ध गिरोहों ने मिलकर बनाया था. सुरक्षा चूक को देखते हुए अस्पतालों में अलर्ट जारी रखा गया है. अब अगले कदम में पुलिस का फोकस शेरू सिंह की भूमिका, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या में प्रयुक्त हथियारों की पूरी जानकारी इकट्ठा करना होगा.
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