Dularchand Yadav Murder Case: बिहार की राजनीति और अपराध जगत से जुड़े चर्चित मामलों में से एक दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है. मोकामा से विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है, जिससे उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है. यह फैसला 19 मार्च 2026 को सुनाया गया, जब अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह आदेश पारित किया.
अनंत सिंह पिछले कई महीनों से इस मामले में न्यायिक हिरासत में थे और पटना के बेउर जेल में बंद थे. उन पर अक्टूबर 2025 में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में संलिप्तता का आरोप है, जो उस समय बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ था.
क्या है पूरा मामला?
दुलारचंद यादव, जन सुराज अभियान से जुड़े एक समर्थक बताए जाते थे. 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें उनकी हत्या कर दी गई. इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया था और राजनीतिक माहौल भी गरमा गया था.
हत्या के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था. निचली अदालत ने पहले उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
हाईकोर्ट से मिली राहत
पटना हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद अनंत सिंह को जमानत देने का फैसला किया गया. अदालत के इस आदेश के बाद माना जा रहा है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, जमानत मिलने के बाद अगले कुछ दिनों में उनकी रिहाई संभव है, जिससे उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है.
राजनीतिक असर
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली और विवादित नेता माने जाते हैं. ऐसे में, उनकी जमानत का असर स्थानीय राजनीति, खासकर मोकामा क्षेत्र में देखने को मिल सकता है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति पहले से ही हलचल भरे दौर से गुजर रही है.
आगे क्या?
हालांकि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामला खत्म हो गया है. कोर्ट में ट्रायल जारी रहेगा और जांच के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, अनंत सिंह को मिली यह राहत उनके लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल केस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं.
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