Bihar Doctor Stapler Pin Treatment: बिहार के नवादा में एक शख्स सिर पर चोट लेकर अस्पताल पहुंचा था. बेचारा यही सोचकर गया था कि डॉक्टर मरहम-पट्टी करेंगे, घाव साफ करेंगे और फिर सुई-धागे से दो-चार टांके लगा देंगे. लेकिन उसे क्या पता था कि वह अस्पताल नहीं, शायद किसी “ऑफिस स्टेशनरी सेंटर” में पहुंच गया है. क्योंकि इलाज के नाम पर उसके सिर में टांके नहीं, बल्कि स्टेपलर की पिनें ठोक दी गईं.
वायरल वीडियो ने खोली ‘इलाज’ की पोल
अब इस “आधुनिक इलाज” का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि मरीज के सिर में स्टेपलर की पिनें लगी हुई हैं और वह बता रहा है कि यह कमाल डॉक्टर साहब का है. हालांकि ग्रामीण इलाकों में अक्सर झोलाछाप डॉक्टरों को भी लोग डॉक्टर कह देते हैं, इसलिए असली डॉक्टर कौन है और “स्टेशनरी विशेषज्ञ” कौन, यह फिलहाल जांच का विषय है.
सिर पर चोट के बाद कथित डॉक्टर के पास पहुंचा युवक
यह पूरा मामला वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के नरोमुरार गांव का बताया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 3 मार्च को गांव का एक युवक मारपीट में घायल हो गया था. हादसे में उसके सिर पर गहरा घाव हो गया और खून भी बहने लगा. अब सामान्य इंसान क्या करेगा? जाहिर है, डॉक्टर के पास जाएगा, ताकि खून रुके, इंफेक्शन न फैले और घाव ठीक हो जाए. युवक भी यही उम्मीद लेकर गणेश नगर में एक कथित डॉक्टर के पास पहुंच गया. लेकिन उसे क्या पता था कि यहां टांके नहीं, “स्टेपलिंग सर्विस” मिलती है.
3 पिन लगाकर कर दी छुट्टी, ड्रेसिंग तक नहीं की
बताया जा रहा है कि डॉक्टर साहब ने बड़ी तसल्ली से मरीज के सिर में तीन स्टेपलर पिन फिक्स कर दी. जैसे ऑफिस में फाइल के कागज जोड़ते हैं, उसी अंदाज में घाव को “क्लोज” कर दिया गया. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि न तो घाव की सही तरीके से ड्रेसिंग की गई है और न ही उसे ठीक से कवर किया गया है. एंटीबैक्टीरियल दवा या बीटाडीन जैसी चीजें भी नजर नहीं आ रही हैं. यानी इलाज कम और प्रयोग ज्यादा लग रहा है.
नवादा के वारिसलीगंज में डॉक्टर का कारनामा : सिर में टांके के बजाय स्टेप्लर पिन दिया ठोंक#viralvídeo #nawada #viral pic.twitter.com/WdbKH4UTTc
— SACH TALKS (@SachTalks) March 14, 2026
झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क फिर सवालों में
अब इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. क्या डॉक्टर को टांके लगाना नहीं आता था? क्या उसे यह पता नहीं था कि ऐसे प्रयोग से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है? या फिर उसे यह भी नहीं मालूम था कि स्टेपलर की पिनें कभी न कभी निकालनी भी पड़ती हैं? या फिर मामला इतना सरल है कि वो डॉक्टर था ही नहीं?
मामला वायरल होते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
नवादा के सिविल सर्जन विनोद कुमार चौधरी ने वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मरीज के सिर में मेडिकल स्टेपलर इस्तेमाल हुआ है या साधारण स्टेपलर पिन. उन्होंने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है. फिलहाल डॉक्टर का नाम, उसकी डिग्री और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि चूंकि घटना एक दूरदराज के गांव की है, इसलिए इसमें किसी MBBS डॉक्टर या सर्जन का काम होने की संभावना कम है. ज्यादा संभावना यही है कि यह किसी झोलाछाप “डॉक्टर साहब” की देन हो.
डॉक्टर था या ‘जुगाड़ एक्सपर्ट’? सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
अब जांच के बाद ही साफ होगा कि यह इलाज था, प्रयोग था या फिर स्टेशनरी और मेडिकल साइंस का अनोखा संगम. फिलहाल इतना जरूर है कि नवादा का यह “इलाज मॉडल” सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान भी कर रहा है और हंसा भी रहा है. कई लोग इस घटना पर तंज कसते हुए डॉक्टर साहब को ‘जुगाड़ एक्सपर्ट’ बता रहे हैं.
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