LPG Cylinder Black Marketing: देश के कई हिस्सों में इन दिनों घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है. आम लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है और दूसरी तरफ कालाबाजारी के आरोप भी सामने आने लगे हैं. कई शहरों में लोग दावा कर रहे हैं कि गैस सिलेंडर खुले बाजार में 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक के हिसाब से बेचे जा रहे हैं. इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे दुकानदार और होटल व्यवसायी भी परेशान हैं.
गैस की कमी से बढ़ी मुश्किल
हाल के दिनों में एलपीजी की मांग अचानक बढ़ गई है. कई जगहों पर लोग भविष्य में कमी की आशंका से पहले ही गैस बुक करा रहे हैं, जिससे वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है. कुछ शहरों में गैस की डिलीवरी में 7-10 दिनों तक की देरी भी हो रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है.
कालाबाजारी के आरोप, महंगे दाम पर सिलेंडर
सप्लाई में आई कमी का फायदा कुछ लोग उठा रहे हैं. कई जगहों से शिकायत मिली है कि आधिकारिक कीमत से कहीं अधिक पैसे लेकर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं. उदाहरण के तौर पर कुछ शहरों में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर, जिसकी कीमत करीब 1900-2200 रुपये होती है, उसे 3500 रुपये या उससे अधिक में बेचा जा रहा है. छोटे दुकानदार और चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले लोग बताते हैं कि कभी-कभी उन्हें गैस की छोटी मात्रा भी महंगे दाम पर खरीदनी पड़ रही है. कई जगहों पर गैस 300 रुपये प्रति किलो तक मिलने की बात सामने आई है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है.
सरकार ने दिए निगरानी के निर्देश
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जमाखोरी या कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए. प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होकर बुकिंग न करें.
आम लोगों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत एजेंसी से ही गैस सिलेंडर लेना चाहिए. यदि कहीं अधिक कीमत पर गैस बेचे जाने की शिकायत मिले तो स्थानीय प्रशासन या गैस कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दी जा सकती है.
कुल मिलाकर, गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन सरकार का दावा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध है. जरूरत केवल इस बात की है कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.
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