CTG Machine in Bihar Hospitals: बिहार सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में अब राज्य के 402 सरकारी अस्पतालों में कार्डियोटोकोग्राफी (CTG) मशीन लगाने का निर्णय लिया गया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे शिशु की स्वास्थ्य स्थिति की बेहतर निगरानी करना है, जिससे समय रहते जटिलताओं की पहचान कर इलाज किया जा सके.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन अस्पतालों में नॉन-स्ट्रेस टेस्ट (NST) और अन्य जरूरी जांचों के लिए CTG मशीन का उपयोग किया जाएगा. यह मशीन गर्भ में पल रहे शिशु की दिल की धड़कन और गर्भाशय की गतिविधियों की निगरानी करती है. इससे डॉक्टरों को यह समझने में आसानी होती है कि गर्भस्थ शिशु सुरक्षित है या किसी प्रकार की परेशानी में है.
राज्य सरकार ने इन मशीनों की खरीद और अस्पतालों में स्थापना की जिम्मेदारी बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) को दी है. योजना के तहत सभी चयनित स्वास्थ्य संस्थानों में एक-एक CTG मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जिले और प्रखंड स्तर के अस्पतालों में भी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकें.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान कई बार शिशु को ऑक्सीजन की कमी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं. CTG मशीन की मदद से ऐसी स्थितियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है. इससे मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर तुरंत उपचार या सुरक्षित डिलीवरी की व्यवस्था कर सकेंगे.
इस फैसले से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को बड़ा फायदा होगा. पहले कई मामलों में ऐसी जांच के लिए मरीजों को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की समस्या होती थी. अब सरकारी अस्पतालों में ही यह सुविधा मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत मिलेगी.
बिहार सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने से आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा. CTG मशीनों की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
आने वाले समय में यदि यह योजना सफल होती है तो राज्य के अन्य अस्पतालों में भी इस तरह की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं. कुल मिलाकर, यह पहल गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बिहार सरकार का एक अहम प्रयास है.
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