Bihar Police New Guidelines 2026: बिहार पुलिस नेतृत्व अब “अनफिट” रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा और जवानों की फिटनेस व पेशेवर अनुशासन को पहली प्राथमिकता बनाएगा. पुलिस मुख्यालय की नई पहल के तहत राज्य भर में पुलिसिंग को और अधिक स्मार्ट, सक्रिय व तेज बनाने के लिए कई सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.
सबसे बड़े बदलावों में से एक यह है कि अब हर पुलिस जवान को रोजाना दौड़ लगानी होगी और शारीरिक दक्षता बनाए रखने के लिए नियमित अभ्यास करना अनिवार्य होगा. अधिकारियों का मानना है कि बेहतर फिटनेस न केवल जवाबी कार्रवाई को तेज करेगी, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों में जवानों की क्षमता को भी बढ़ाएगी. पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में सिंथेटिक ट्रैक तैयार किए जा रहे हैं, जहां जवान नियमित दौड़, फिजिकल फिटनेस टेस्ट और स्टैमिना बढ़ाने वाले अभ्यास करेंगे.
बिहार पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि लापरवाही या ढ़ीला रवैया अब स्वीकार्य नहीं होगा. ड्यूटी रूटीन और मोबाइल/डेस्क आधारित कार्यों की तुलना में फील्ड-वर्क को अधिक महत्व दिया जाएगा. अगर कोई जवान या अधिकारी नियमित अभ्यास और दौड़ में देरी करेगा या हिस्सा नहीं लेगा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसमें चेतावनी से लेकर दंड या अन्य सख्त कदम शामिल हो सकते हैं, ताकि समग्र अनुशासन और जिम्मेदारी का स्तर ऊंचा उठे.
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ शारीरिक फिटनेस नहीं है, बल्कि पुलिस की कार्य-संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाना भी है. अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि पुलिस बल न केवल दिखावे के लिए मौजूद रहे, बल्कि वास्तविक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम भी हो. नई योजना के तहत विभिन्न जिलों और पुलिस प्रशिक्षण इकाइयों में फिटनेस मॉनिटरिंग, रन-टाइम परीक्षण और स्वास्थ्य जांच जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होंगे.
विश्लेषकों के अनुसार, अगर यह पहल सही तरीके से लागू होती है तो इससे पुलिस की जवाबदेही, प्रतिक्रिया-समय और नागरिकों के साथ सकारात्मक संपर्क में सुधार देखने को मिल सकता है. बिहार पुलिस अब पुराने “अनफिट” रवैये को पीछे छोड़ कर एक अधिक सक्रिय, फिट और जिम्मेदार बल बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.
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