Bihar Bhawan in Mumbai: बिहार सरकार की कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है. मुंबई में आधुनिक “बिहार भवन” का निर्माण किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य वहां इलाज कराने आए बिहारवासियों और उनके परिजनों को सस्ती और सुविधाजनक ठहरने की व्यवस्था प्रदान करना है.
सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में मंजूर हुई. यह भवन मुंबई के वडाला या एलिफिंस्टन एस्टेट इलाके में बनाया जाएगा, जहां मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने लगभग 2752 वर्ग मीटर क्षेत्र की जमीन 60 साल की लीज पर दी है.
बिहार भवन का उद्देश्य केवल ऑफिस या प्रतीकात्मक संरचना तक सीमित नहीं रहेगा. यहां खास तौर पर बीमारी या इलाज के लिए मुंबई आने वाले मरीज, जैसे कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इलाज कराने आए लोग भव्य सुविधाओं वाले कमरे में किफायती दरों पर अपने परिवार के साथ आराम से रह सकेंगे.
महाराष्ट्र की राजधानी में इलाज कराने के लिए बिहार और बाकी राज्यों के लोग अक्सर बड़े खर्च पर होटल या किराये के कमरे लेते हैं. नए बिहार भवन से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और इलाज के दौरान आर्थिक बोझ भी घटेगा. कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह भवन 178 कमरे और लगभग 240 बिस्तर क्षमता वाला होगा, जिसमें मरीज व उनके परिवार के सदस्यों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं होंगी.
इस कदम को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बिहार सरकार की एक समाज-कल्याणकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल मरीजों को सुविधा मिलेगी, बल्कि बिहार के लोगों के प्रति सरकार की जागरूकता और उत्तरदायित्व भी स्पष्ट होता है. इस तरह का बिहार भवन पहले दिल्ली, कोलकाता जैसे शहरों में मौजूद है, लेकिन मुंबई जैसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र वाले शहर में यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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