Bihar News: बिहार में खेती के लिए अब ड्रोन तकनीक किसान भाइयों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खाद और कीटनाशक का छिड़काव अब आसानी से और सस्ते में कराया जा सकता है. राज्य के बांका जिले में सरकार ने ड्रोन किराए पर उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू कर दी है, ताकि किसान खेतों में ड्रोन से उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव करा सकें.
इस योजना के तहत अगर किसान ड्रोन से छिड़काव करवाते हैं, तो प्रति एकड़ भुगतान केवल 209 रुपये देना होगा. इसका कारण यह है कि छिड़काव की कुल लागत लगभग 419 रुपये प्रति एकड़ आ रही है, जिस पर सरकार 50% अनुदान (सब्सिडी) दे रही है. इसलिए किसान को मात्र 209 रुपये प्रति एकड़ का किराया देना होता है.
ड्रोन सेवा का लाभ उठाने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है. इसके लिए कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन जमा करना होगा. आवेदन में रैयत किसानों को अपनी जमीन का रसीद देना पड़ेगा, जबकि गैर-रैयत किसानों को स्वघोषणा पत्र भरकर अपलोड करना होगा. एक बार आवेदन मान्य हो जाने पर किसान अपनी जरूरत के अनुसार ड्रोन सेवा का समय ले सकता है.
सरकार ने इस योजना में एक सीमा भी रखी है. किसान को अधिकतम 15 एकड़ तक छिड़काव पर अनुदान मिलेगा. अगर कोई किसान इससे अधिक जमीन पर ड्रोन छिड़काव करवाना चाहता है, तो वह बिना सब्सिडी पूरा किराया देकर सेवा ले सकता है.
ड्रोन तकनीक अपनाने से किसानों को कई लाभ भी मिल रहे हैं. पारंपरिक तरीके से कीटनाशक या खाद छिड़कने में लगभग 5-6 घंटे लगते हैं, लेकिन ड्रोन से यह काम 10-12 मिनट में पूरा हो जाता है, जिससे समय की बड़ी बचत होती है. इसके अलावा पानी की खपत भी कम होती है. जहां पारंपरिक स्प्रे मशीन से लगभग 100 लीटर पानी लगना होता है, वहीं ड्रोन से केवल लगभग 10 लीटर पानी में ही छिड़काव सफल हो जाता है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक से न केवल लागत और समय की बचत होगी, बल्कि किसानों की मेहनत भी कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी. ड्रोनों के माध्यम से आधुनिक खेती के इस कदम से बिहार के किसान अब तकनीकी रूप से सशक्त बन रहे हैं और कृषि में बेहतर लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं.
यह भी पढ़ें- बिहार सरकार का बड़ा एक्शन: जमीन और बालू माफियाओं की 55 करोड़ की संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर



