Extramarital Affair: भारतीय समाज में विवाह को पवित्र बंधन माना जाता है. यह रिश्ता विश्वास, सम्मान और समर्पण पर आधारित होता है. लेकिन हाल के वर्षों में अवैध संबंधों के कारण इस पवित्र रिश्ते में दरारें बढ़ती जा रही हैं. स्थिति इतनी गंभीर होती जा रही है कि कई बार ये रिश्ते हत्या जैसी संगीन घटनाओं में बदल जाते हैं.
पिछले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां पति या पत्नी के अवैध संबंधों का पता चलते ही विवाद इतना बढ़ गया कि जान तक चली गई. कई मामलों में पति ने पत्नी की हत्या कर दी, तो कई घटनाओं में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया. वहीं, प्रेमी-प्रेमिका के रिश्तों में भी धोखे और शक की वजह से खून-खराबे की वारदातें देखने को मिल रही हैं.
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि अवैध संबंधों का मूल कारण रिश्तों में संवाद की कमी और आपसी विश्वास का टूटना है. जब पति-पत्नी एक-दूसरे को पर्याप्त समय और सम्मान नहीं दे पाते, तो खालीपन उन्हें बाहर सहारा ढूंढ़ने पर मजबूर कर देता है. यह शुरुआत में भावनात्मक सहारे से शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे शारीरिक संबंधों में बदल जाता है. समाज में इस तरह की स्थितियों को छिपाने का दबाव इतना बढ़ जाता है कि जब सच्चाई सामने आती है, तो गुस्सा और आक्रोश हत्या जैसे अपराधों में बदल जाता है.
पुलिस और अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध संबंध हत्या के मामलों में एक बड़ा कारण बन चुके हैं. अपराध की जांच में हर तीसरे मामले में प्रेम प्रसंग या विवाहेतर संबंध जुड़ा हुआ पाया जाता है. इससे साफ है कि यह समस्या केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी चिंता का विषय बन चुकी है.
जरूरी है कि पति-पत्नी आपसी बातचीत को मजबूत करें, रिश्तों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखें. परिवार और समाज को भी ऐसे मामलों में सकारात्मक हस्तक्षेप करना चाहिए. यदि समय रहते रिश्तों में आई दरार को भरने का प्रयास न किया जाए, तो यह “पति-पत्नी और वो” की कहानी हत्या जैसे अपराध का कारण बन सकती है.
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