Voter List Verification: विपक्ष इन दिनों लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है. विपक्ष का आरोप है कि आयोग सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है और देशभर में वोट चोरी जैसी घटनाएं हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ा आंदोलन छेड़ते हुए बिहार से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की है. इस यात्रा में विपक्षी दलों के कई बड़े नेता शामिल हैं और जनता से सीधे संवाद किया जा रहा है.
वहीं, चुनाव आयोग ने भी अब देशभर के नागरिकों से पांच अहम सवाल पूछा है. आयोग का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना व इस प्रक्रिया में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना है.
चुनाव आयोग के सवाल इस प्रकार हैं:
1. क्या मतदाता सूची की गहन जांच होनी चाहिए?
2. क्या मृत व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाने चाहिए?
3. जिन लोगों के नाम दो या अधिक जगहों पर हैं, उनके नाम केवल एक जगह पर होने चाहिए या नहीं?
4. जो लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके हैं, उनके नाम हटाने चाहिए या नहीं?
5. क्या विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए?
आयोग ने कहा है कि यदि जनता इन सवालों का जवाब “हां” में देती है, तो फिर नागरिकों को मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की इस कठिन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देना चाहिए.
इधर, राहुल गांधी ने भी आयोग पर चुनाव प्रक्रिया में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग अब भाजपा का एजेंट बन गया है? इसके जवाब में आयोग ने उनसे हलफनामा दायर करने या फिर देश से माफी मांगने को कहा था, जिसे राहुल ने ठुकरा दिया. वे हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर भी आयोग को घेरते रहे हैं.
इससे पहले राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से पांच सवाल पूछे थे-
1. विपक्ष को डिजिटल मतदाता सूची क्यों नहीं दी जा रही?
2. आप क्या छिपा रहे हैं?
3. सीसीटीवी और वीडियो साक्ष्य मिटाए क्यों जा रहे हैं और किसके आदेश पर?
4. फर्जी वोटिंग और मतदाता सूची में हेरफेर क्यों हो रहा है?
5. विपक्षी नेताओं को धमकाना और डराना क्यों जारी है?
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