Bihar Politics: पटना में जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल रोड, बोरिंग रोड चौराहा समेत कई प्रमुख स्थानों पर मंगलवार को कुछ विवादित पोस्टर लगाए गए, जिनमें बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा आरोप लगाया गया है. इन पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीरें प्रमुखता से छपी हैं और शीर्षक में लिखा है- “बिहार में गुंडाराज, कारोबारियों पर कहर”.
पोस्टर में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि इन्हें किस संगठन या व्यक्ति द्वारा लगाया गया है, जिससे इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. लेकिन इनमें दिए गए संदेशों और घटनाओं ने राज्य की राजनीति को गर्म कर दिया है.
पोस्टर में दर्ज हत्याएं
पोस्टर के चारों कोनों में बिहार में हाल में हुई आठ बड़ी हत्याओं का ज़िक्र किया गया है, जिनमें तस्वीरें और तारीखें भी शामिल हैं.
गोपाल खेमका (मशहूर उद्योगपति)
दीपक शाह (व्यवसायी)
विक्रम झा (मार्ट के मालिक)
संतोष राय (शिक्षक)
रमाकांत यादव (बालू कारोबारी)
पुट्टू खान (कारोबारी)
जितेंद्र मेहता (वकील)
सुशीला कुमारी (नर्स)

विपक्ष का हमला
कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने इस मौके पर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “बिहार में गुंडाराज चल रहा है. यह तब से हुआ है, जब से नीतीश कुमार की तबीयत बिगड़ी और राज्य की कमान भाजपा चला रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार अब देश का क्राइम कैपिटल बनता जा रहा है.
संसद में भी उठा मुद्दा
इससे पहले, सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बिहार की गिरती कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की थी और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया था.

इन पोस्टरों और विपक्ष के बयानों ने साफ कर दिया है कि बिहार में कानून-व्यवस्था चुनावी मुद्दा बनने जा रही है. पोस्टरों की सच्चाई चाहे जो हो, लेकिन इससे जनता के बीच भय और सत्ता पक्ष के लिए सवालों की बौछार तय है.
यह भी पढ़ें- Crime News: दिल्ली के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और बम निरोधक दस्ता अलर्ट पर



