Friday, March 6, 2026
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Fact Check: यूट्यूब चैनल का दावा- ‘हर बेरोजगार को प्रतिमाह मिलेंगे 4500 रुपये’, क्या है सच्चाई?

Fact Check of PM Berojgari Bhatta Yojana: हाल ही में एक यूट्यूब चैनल जिसका नाम ‘Adtechnovation’ है, उसके एक वीडियो के #YouTubeThumbnail में यह दावा किया गया कि केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना’ के तहत सभी बेरोजगार युवाओं को हर महीने 4500 रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है. यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे लाखों युवा भ्रमित हो गए हैं. लेकिन जब इस दावे की सत्यता की जांच की गई, तो इसके पीछे की हकीकत कुछ और ही निकली.

क्या सच में है ऐसी कोई योजना?
भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइटों और श्रम मंत्रालय की अधिसूचनाओं के अनुसार, ऐसी कोई राष्ट्रीय स्तर की योजना फिलहाल लागू नहीं है, जिसमें सभी बेरोजगार युवाओं को 4500 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा हो. हालांकि, कुछ राज्य सरकारें अपनी-अपनी नीतियों के तहत बेरोजगार भत्ता या भरण-पोषण भत्ता देती रही हैं, जैसे- उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बेरोजगारी भत्ता योजनाएं हैं. बिहार में ‘मुख्यमंत्री निश्चय योजना’ के तहत युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण और स्टाइपेंड दिया जाता है. लेकिन ये योजनाएं राज्य-स्तरीय हैं और प्रधानमंत्री स्तर की कोई बेरोजगारी भत्ता योजना नहीं है.

गलत जानकारी फैलाने पर क्या कहता है कानून?
यूट्यूब या किसी भी सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना, खासकर सरकारी योजनाओं के नाम पर, आईटी अधिनियम 2000 और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध हो सकता है. ऐसे दावों से न सिर्फ आम जनता भ्रमित होती है, बल्कि कई बार भ्रष्टाचार और ठगी के मामले भी सामने आते हैं, जहां बेरोजगारों से आवेदन शुल्क के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं.

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सरकार ने क्या कहा?
भारत सरकार की PIB Fact Check इकाई ने इस वायरल दावे को फर्जी करार देते हुए स्पष्ट किया कि कोई 4500 रुपये प्रतिमाह वाली योजना केंद्र सरकार द्वारा नहीं चलाई जा रही है. जनता से अपील की गई कि वे ऐसे दावों पर विश्वास न करें और केवल सरकारी पोर्टल्स से ही जानकारी लें.

‘Adtechnovation’ चैनल का दावा कि हर बेरोजगार को 4500 रुपये मिल रहे हैं, पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है. युवाओं को चाहिए कि वे ऐसे वीडियो या थंबनेल देखकर तुरंत भरोसा न करें, बल्कि पहले सरकारी स्रोतों से पुष्टि करें. जागरूक रहना और दूसरों को भी जागरूक करना ही इस तरह की अफवाहों से बचने का सबसे अच्छा उपाय है.

यह भी पढ़ें- Fact Check: क्या देश के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को मिल रही है सरकारी नौकरी? जानिए सच्चाई

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