Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक नई पहल की घोषणा करते हुए कहा है कि वे अपने पटना स्थित आवास पर प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक जनता दरबार लगाएंगे. इस दरबार के माध्यम से वे सीधे आम जनता से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे.
जनता से सीधा संवाद ही मेरा उद्देश्य- तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं जनता से दूरी नहीं चाहता. जो लोग मुझ तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए मैं खुद को उपलब्ध कर रहा हूं. मेरे आवास के दरवाजे आमजन के लिए खुले रहेंगे. जो भी व्यक्ति अपनी समस्या, शिकायत या सलाह लेकर आना चाहे, वह आ सकता है.” उन्होंने बताया कि जनता दरबार का आयोजन रोजाना किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों से संवाद हो सके.
जनता का दरबार, जनसमस्याओं का सीधा समाधान,आपके बीच, आपकी आवाज़ बनने के लिए तत्पर,
आइए साथ मिलकर रचें बिहार का नया अध्याय,सदैव आपके साथ ,सदैव बिहार के साथ..सोमवार दिनांक 30 जून से 26 एम स्ट्रेड रोड स्थित मेरे आवास से जनता दरबार शाम 6 से 8 बजे तक होगी। #TejPratapYadav #Bihar… pic.twitter.com/3ATbWVs80x
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) June 26, 2025
किन मुद्दों पर होगी सुनवाई?
तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में आने वाले लोगों की शिकायतें मुख्यतः बेरोजगारी और नौकरी से संबंधित समस्याएं, शिक्षा और छात्रवृत्ति की दिक्कतें, स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितता, स्थानीय प्रशासन से जुड़े भ्रष्टाचार और लापरवाही, पुलिस या भूमि विवादों से संबंधित परेशानियों के क्षेत्रों से जुड़ी होंगी. उन्होंने कहा कि जो भी मामले संबंधित विभागों से जुड़ेंगे, उन्हें वे खुद अधिकारियों तक पहुंचाएंगे और समाधान तक निगरानी भी करेंगे.

राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि तेज प्रताप यादव इस पहल के जरिए जनता से सीधा जुड़ाव बनाना चाहते हैं, ताकि उनकी छवि एक जनप्रिय और जिम्मेदार नेता के रूप में स्थापित हो सके. यह कदम आगामी चुनाव की तैयारी के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है.
तेज प्रताप यादव का जनता दरबार का आयोजन यदि ईमानदारी और निरंतरता से किया जाए, तो यह बिहार की राजनीति में जनसेवा के एक नए मॉडल के रूप में उभर सकता है. जनता की समस्याओं को सुनने और हल करने की यह कोशिश उनके राजनीतिक कद को भी एक नई दिशा दे सकती है.

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