World Environment Day 2025: हर वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस इस बार “प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करें” (Beat Plastic Pollution) थीम के साथ मनाया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा आयोजित इस दिवस का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता फैलाना और उसके समाधान के लिए वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है.
मेजबान देश: दक्षिण कोरिया
इस वर्ष की वैश्विक मेजबानी दक्षिण कोरिया को सौंपी गई है, जहां के जेजू प्रांत ने 2040 तक प्लास्टिक मुक्त बनने का संकल्प लिया है. यह प्रांत कचरा पृथक्करण और पुनर्चक्रण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जो अन्य देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है.
भारत में पर्यावरण दिवस की गतिविधियां
भारत में भी इस दिवस को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ की शुरुआत की, जिसमें जल संरक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समावेश है.
गुवाहाटी: नेशनल साइंस सेंटर में वृक्षारोपण, रैलियां, पोस्टर प्रतियोगिताएं और प्लास्टिक प्रदूषण पर व्याख्यान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

प्लास्टिक प्रदूषण: एक वैश्विक संकट
हर साल लगभग 11 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा समुद्रों में फेंका जाता है, जिससे समुद्री जीवन और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. माइक्रोप्लास्टिक हमारे भोजन और पानी में मिलकर हमारे शरीर में प्रवेश कर रहा है, जो चिंता का विषय है.
हम क्या कर सकते हैं?
प्लास्टिक का उपयोग कम करें: एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचें और पुन: उपयोग योग्य वस्तुओं का चयन करें.
पुनर्चक्रण को अपनाएं: कचरे को सही तरीके से पृथक करें और पुनर्चक्रण के लिए भेजें.
स्थानीय अभियानों में भाग लें: वृक्षारोपण, सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लें.

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 हमें यह याद दिलाता है कि प्लास्टिक प्रदूषण एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान हमारे सामूहिक प्रयासों से ही संभव है. हम सभी को मिलकर एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर कदम बढ़ाना चाहिए.
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