Friday, March 6, 2026
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Bihar Election: क्या बिहार में राजनीतिक विकल्प बनेंगे पीके? या वोटकटवा तक सीमित रहेगी पार्टी की भूमिका?

Bihar Assembly Election 2025: पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल मचा दी है. पटना के गांधी मैदान में आयोजित ‘बिहार बदलाव रैली’ में प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी छह महीनों में बिहार की राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी और जनता की सरकार स्थापित होगी .​

पार्टी के लिए स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चुनौतीपूर्ण
कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए और महागठबंधन के मजबूत दबदबे के बीच जन सुराज पार्टी के लिए स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चुनौतीपूर्ण होगा. 2024 के उपचुनावों में पार्टी ने कुछ प्रभावशाली प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें कोई सीट नहीं मिली, जिससे उनकी भूमिका ‘वोटकटवा’ तक सीमित रह सकती है.

मुख्यमंत्री पद के लिए 15% लोगों ने बताया पसंदीदा उम्मीदवार
पीके ने बेरोजगारी, शिक्षा और प्रशासनिक भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान आकर्षित किया है. हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में उन्हें 15% लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा उम्मीदवार बताया, जो तेजस्वी यादव (41%) और नीतीश कुमार (18%) के बाद तीसरे स्थान पर है.

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लंबी अवधि की राजनीति में विश्वास रखते हैं पीके
प्रशांत किशोर का कहना है कि उनकी पार्टी केवल 2025 नहीं, बल्कि 2030 के चुनावों की भी तैयारी कर रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे लंबी अवधि की राजनीति में विश्वास रखते हैं. यदि जन सुराज पार्टी जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर विकास और सुशासन के मुद्दों पर जनता का विश्वास जीतने में सफल होती है, तो वे बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली विकल्प बन सकते हैं.

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यह भी पढ़ें- Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर, राजनीतिक सरगर्मी तेज

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